बंगाल में 15 साल के ममता शासन का अंत: राज्यपाल ने विधानसभा भंग की, संवैधानिक संकट के बीच बड़ा फैसला
15 years of Mamata Banerjee's rule ends in Bengal
दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल खत्म होते ही राज्यपाल ने पूरी कैबिनेट को भंग कर दिया और इसके साथ ही ममता बनर्जी अब मुख्यमंत्री नहीं रहीं।
गुरुवार, 7 मई को राज्यपाल आर.एन. रवि ने राज्य विधानसभा को भंग करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया। कोलकाता गजट में प्रकाशित इस नोटिफिकेशन के बाद ममता बनर्जी की सरकार संवैधानिक रूप से खत्म हो गई।
राज्यपाल ने लिया फैसला
राज्यपाल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह फैसला लिया। नोटिफिकेशन पर मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला के हस्ताक्षर हैं। विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही 15 साल पुराना तृणमूल कांग्रेस (TMC) शासन भी खत्म हो गया।
ममता का इस्तीफे से इनकार
इससे पहले ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था, जिसके चलते सियासी खींचतान जारी थी। इसके बावजूद राज्यपाल ने संवैधानिक प्रक्रिया अपनाते हुए कैबिनेट और विधानसभा को भंग कर दिया।
ममता बनर्जी 2011 से लगातार सत्ता में थीं और तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। उनका कार्यकाल विवादों, हिंसा और विकास योजनाओं के मिश्रण के लिए जाना जाता है। अब सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य में नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।